खुशी के पल : रेल इंजन की आवाज सुनकर स्टेशन की ओर दौड़े नगर वासी
Moments of happiness: City dwellers rush to the station after hearing the sound of the train engine
खुशी के पल : रेल इंजन की आवाज सुनकर स्टेशन की ओर दौड़े नगर वासी
सिवनी/केवलारी। लगभग 5 वर्षो के बाद ट्रेन की आवाज सुनकर नगर के गणमान्य नागरिक, पत्रकार व आम जनता नारियल फूल माला लेकर रेलवे स्टेशन की ओर दौड़े जैसे ही इंजन रेल स्टेशन पर रुका वैसे ही इंजन में सवार द्वारका प्रसाद लोको पायलट, अमित कुमार डीजल असिस्टेंट, मनीष लावंणकर डिप्टी (सीई-एसईसीआर) डिवीजन नागपुर, बाबूलाल एल आई, के पी यादव सीएसएम, चंद्रजीत सिंह डीपीएस , रफीक अहमद एवं भूवन तिवारी सहित रेलवे के आला अधिकारियों का भव्य स्वागत किया गया। नैनपुर-छिंदवाड़ा-नागपुर तक आवागमन का एक मात्र साधन रेल था.
जानकारी के अनुसार अंग्रेजों के शासनकाल में वर्ष 1904 में चलाई गई नेरो गेज का गेज परिवर्तन के लिए 30 नवंबर 2015 को नैनपुर से छिंदवाड़ा की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन 6:36 मिनट में अपना अंतिम सफर तय किया था । नेरो गेज से ब्रॉडगेज के लिए नैनपुर से बालाघाट, मंडला फोर्ट, जबलपुर, छिंदवाड़ा ,नागपुर का टोटल मेगा ब्लाक कर दिया गया था । नैनपुर जंक्शन से अन्य स्थानों को जाने के लिए एकमात्र आवागमन का साधन रेल्वे को क्षेत्र की जीवन रेखा माना जाता था। 30 से 40 प्रति किलोमीटर की स्पीड से चलने वाली छुक छुक रेलगाड़ी बीते 5 वर्षों से बंद थी । नैनपुर से जबलपुर को पूर्व में ही चालू कर दिया गया था, नैनपुर से पलारी तक लगभग 35 किलोमीटर रेल पथ को पूर्ण करने के बाद आज दिनांक 8 फरवरी इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों मे दर्ज हो गया , ब्रॉड गेज का रेल इंजन दोपहर में 2:00 बजे स्टेशन पहुंचा ।डिप्टी सीई डिवीजन नागपुर के मनीष लावंणकर की निगरानी में रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करने के लिए पावर को धीमी गति से चलाया गया। रेलवे पावर को देखने के लिए भारी संख्या में जनमानस रेल्वे ट्रेक केआजू-बाजू खड़े होकर अभिवादन करते हुए नजर आए ।



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