मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव : उम्मीदवारों को देनी होगी इतनी जमानत राशि, सभा के लिए अनुमति जरूरी, पढ़े नियम

Madhya Pradesh Panchayat Election: Candidates will have to give such security amount, permission is necessary for the meeting, read the rules

मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव : उम्मीदवारों को देनी होगी इतनी जमानत राशि, सभा के लिए अनुमति जरूरी, पढ़े नियम
रिपोर्ट। एडिटर। दीपक कोल्हे

मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव : उम्मीदवारों को देनी होगी इतनी जमानत राशि, सभा के लिए अनुमति जरूरी, पढ़े नियम

पंच और सरपंच पद के प्रत्याशियों के नामांकन फॉर्म विकासखंड मुख्यालय के साथ ही क्लस्टर मुख्यालय पर भी लिए जाएंगे।

भोपाल।  साधना मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है।चुनाव तीन चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 9 जिलों में 6 जनवरी 2022, दूसरे चरण का मतदान 7 जिलों में 28 जनवरी और तीसरे चरण का मतदान 36 जिलों में 16 फरवरी को होगा।ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है, जो कि परिणाम घोषित होने तक प्रभावशील रहेगी।आदर्श आचरण संहिता के प्रावधान राजनैतिक दलों, अभ्यर्थियों, शासकीय विभागों एवं कर्मियों तथा पंचायतों के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू होगी। यद्यपि पंचायत निर्वाचन गैर-दलीय आधार पर हो रहे है, परंतु आचार संहिता के प्रावधान राजनैतिक दलों पर सामान्य रूप से लागू होंगे।

इसके अलावा जिला पंचायत सदस्य के लिए नामांकन के साथ धरोहर राशि 8000 रुपए, जनपद के लिए 4000 रुपए और ग्राम पंचायत सरपंच के लिए 2000 रुपए और पंच के लिए 400 रुपए जमा करानी होगी। अनूसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, महिलाओं को निर्धारित से आधी राशि यानी 200 रुपए जमा करने होंगे।चुनाव प्रचार के दौरान कोई भी प्रत्याशी सभा, रैली या जुलूस बिना अनुमति नहीं निकाल सकेगा।जिला पंचायत सदस्य के लिए नामांकन पत्र जिला मुख्यालय पर, जनपद सदस्य के जिला विकासखंड मुख्यालय, पंच और सरपंच पद के लिए विकासखंड और कलस्टर मुख्यालय पर लिए जाएंगे।पंच एवं सरपंच के लिए निर्वाचन मतपत्रों से होगा, जबकि जनपद और जिला पंचायत सदस्य के लिए वोटिंग ईवीएम से होगी।

उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य

जिला पंचायत सदस्य या जनपद पंचायत सदस्य प्रत्याशी ऑनलाइन तरीके से नामांकन फॉर्म जमा करता है, तो उसे हार्ड कॉपी भी समय रहते निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में जमा करनी होगी।पंच पद के लिए नामांकन फॉर्म के साथ एक सादा घोषणा पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।जिला पंचायत सदस्य के नामांकन फॉर्म जिला मुख्यालय पर, जनपद पंचायत सदस्य के विकासखंड मुख्यालय पर जमा होंगे। पंच और सरपंच पद के प्रत्याशियों के नामांकन फॉर्म विकासखंड मुख्यालय के साथ ही क्लस्टर मुख्यालय पर भी लिए जाएंगे। यह क्लस्टर स्थानीय कलेक्टर ग्राम पंचायतों का समूह बनाकर गठित करेगा।

ऐसे जारी किए जाएंगे परिणाम

मतदान केन्द्र पर पंच और सरपंच पद के लिये मतगणना मतदान समाप्ति के तुरंत बाद की जाएगी। जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य की विकासखण्ड मुख्यालय पर ईवीएम से मतगणना प्रथम चरण के लिये 10 जनवरी, द्वितीय चरण के लिये 1 फरवरी और तृतीय चरण के लिये 20 फरवरी 2022 को सुबह 8 बजे से की जाएगी। पंच और सरपंच पद के निर्वाचन परिणाम की घोषणा प्रथम चरण के लिये 11 जनवरी, द्वितीय चरण के लिये 2 फरवरी और तृतीय चरण के लिये 21 फरवरी 20222 को सुबह 10:30 बजे से की जाएगी। जनपद पंचायत सदस्य के लिये निर्वाचन परिणाम की घोषणा प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण के लिये 22 फरवरी को और जिला पंचायत सदस्यों के लिये 23 फरवरी 2022 को सुबह 10:30 बजे से की जाएगी।

यहां से ले सकते है जानकारी

चुनाव में राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह नहीं होंगे, लेकिन आचार संहिता सभी राजनीतिक दलों पर लागू होगी। चुनाव प्रचार के दौरान शिकायत के लिए स्टेट और जिला लेवल पर कंट्रोल रूम बनाए जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग मुख्यालय पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। इस 0755-2551076 नंबर पर निर्वाचन संबंधी शिकायत कर सकते हैं। जिलास्तर पर अलग से कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे।इसके अलावा चुनाव संबंधी जानकारी निर्वाचन आयोग के चुनाव ऐप पर भी मिलेगी।

चुनाव में फंस सकता है पेंच

मध्य प्रदेश के पंचायत चुनाव में एक और पेंच फंस सकता है।ग्वालियर हाईकोर्ट में पंचायत अध्यादेश में संशोधन के खिलाफ राम नारायण हिंडोरिया ने एक याचिका दायर की गई है। इस याचिका में सरकार द्वारा पंचायत अध्यादेश में किए गए संशोधन को संविधान के खिलाफ बताया गया है। इस पर शनिवार को हाईकोर्ट ने मप्र सरकार से जवाब मांगा है।इसके लिए हाईकोर्ट ने 2 हफ्ते का समय दिया है।वही सुनवाई के दौरान कांग्रेस राज्यसभा सांसद और जाने माने वकील विवेक तंखा ने पंचायत चुनाव से जुड़ी सभी याचिकाओं को इकट्ठा करके जबलपुर मुख्य पीठ में ट्रांसफर करने की भी अपील की। इस मामले में अगली सुनवाई 2 सप्ताह बाद की जाएगी।

पहला चरण- 9 जिलों में एक ही बार में वोटिंग

इन 9 जिलों में एक ही बार में मतदान करा दिया जाएग। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, निवाड़ी, अलीराजपुर, पन्ना, नरसिंहपुर, हरदा और दतिया हैं।

दूसरा चरण- 7 जिलों में 2 पारी में वोटिंग

इन 7 जिलों में 2 चरणों में चुनाव होंगे। ये जिले जबलपुर, बुरहानपुर, सिंगरौली, उमरिया, अनूपपुर, श्योपुर और देवास हैं।

तीसरा चरण- 36 जिलों में 3 पारी में वोटिंग

राजगढ़, रायसेन, सीहोर, विदिशा, खरगोन, खंडवा, धार, झाबुआ, बड़वानी, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, कटनी, उज्जैन, नीमच, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, सागर, छतरपुर, दमोह, टीकमगढ़, रीवा, सीधी, सतना, होशंगाबाद, बैतूल, शहडोल, भिंड और मुरैना।

मध्य प्रदेश के मतदाता एक नजर में

मध्‍य प्रदेश में कुल 3 करोड़ 92 लाख 51 हजार 811 मतदाता।
पुरुष मतदाता 2 करोड़ 02 लाख 30 हजार 095।
महिला मतदाता 1 करोड़ 90 लाख 20 हजार 672।
अन्य मतदाता 1044 हैं।
मध्‍य प्रदेश में 71 हजार 398 मतदान केंद्र होंगे।
पूरे राज्‍य में पंचायत के लिए चुनाव के लिए 4.25 लाख कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
इस चुनाव में 859 जिला सदस्य, 6727 जनपद सदस्य, 22581 सरपंच और 362754 लाख पंच चुने जाएंगे