मध्यप्रदेश में विकास का मॉडल तैयार, 8500 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होंगे कई सड़कें और पुल
Model of development ready in Madhya Pradesh, many roads and bridges will be ready at a cost of Rs 8500 crore
मध्यप्रदेश में विकास का मॉडल तैयार, 8500 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होंगे कई सड़कें और पुल
- नगरीय विकास और आवास विभाग के मासिक खर्च लिमिट 507 करोड़ रुपए तय किए गए जबकि जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग के लिए 500 करोड़ तय किए गए हैं।
भोपाल । मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार द्वारा आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के ढांचे को सुदृढ़ करने की तैयारी की जा रही है ऐसे में सरकार मिशन मोड में आ गई है। विभिन्न परियोजनाओं और योजनाओं को मंजूरी मिलने के साथ ही 2 महीने में 200 सड़कें और 70 से ज्यादा पुल के निर्माण कार्य को शुरू किया जाएगा। 8500 करोड़ रुपए की सड़क पर पुल बनाने की कार्य शुरू किए जाएंगे। इसके लिए 2 माह में टेंडर की प्रक्रिया पूरी होगी।
वहीं राज्य शासन और शिवराज सरकार के सभी लोग विकास कार्यों की गति को तेज करने के लिए इस पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार परियोजनाओं की समीक्षा की जा रही है। सीएम शिवराज द्वारा विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए गए। प्रदेश में पहली बार स्थाई वित्तीय समिति की बैठक शुक्रवार को आयोजित की जाएगी। सरकार जितनी भी सड़कों और पुलों का निर्माण करी है। विधानसभा से पहले शुरू होने के साथ आधे से अधिक काम को पूरा भी कर लिया जाए।
वही पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई की माने तो वित्त विभाग भी इस कार्य में तत्परता दिखा रहा है।NHAI केंद्रीय सड़क निधि और बजट में प्रस्तावित काम को शामिल कर लिया गया खर्च लिमिट को भी बढ़ाया गया है। माना जा रहा है कि जून तक सभी कार्यों के टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश (Aatmnirbhar Madhya pradesh) को रफ़्तार देते हुए विकास कार्यों को गति देने के लिए PWD की 200 सड़क 70 से ज्यादा पुल और भवनों की मंजूरी दी गई है। इसके लिए केंद्रीय सड़क निधि और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के तहत 8 प्रमुख सड़क को शामिल किया गया। साथ ही बजट में ₹5000 करोड़ रुपए की सड़क और पुल का काम भी शामिल किया गया है।
एनएचएआई की 1500 करोड़ की 8 सड़कें तैयार होगी। साथ ही सीआरएफ के दो हजार करोड़ से 8 और प्रोजेक्ट है, उसको इसमें शामिल किया जाएगा। ज्ञात हो कि वित्त विभाग द्वारा हर महीने खर्च के लिए ₹500 करोड़ रुपए की लिमिट तय की गई थी। जिसे ₹200 करोड़ रुपए बढ़ा दिया गया। अब वित्त विभाग द्वारा पीडब्ल्यूडी को ₹700 करोड़ रुपए दिए जाते हैं। नगरीय विकास और आवास विभाग के मासिक खर्च लिमिट 507 करोड़ रुपए तय किए गए जबकि जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग के लिए 500 करोड़ तय किए गए हैं।
विकास कार्यों का रोडमैप तैयार कर लिया गया है। वहीं सड़क निर्माण के तहत करोड़ों के 9 जिले के मुख्य मार्ग के साथ कनेक्टिंग सड़कों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही बड़े पुल, पुलिया तैयार की जाएगी। ग्वालियर में ₹400 करोड़ रुपए की लागत से स्वर्णरेखा नदी पर एलिवेटेड रोड को शामिल किया गया है। वही 2 महीने के अंदर 8500 करोड़ रुपए के कई नवीन परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी। अप्रैल मई और जून में होने वाले कार्यों के लिए गाइडलाइन जारी की गई है।



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