Omicron Variants : कोरोना वायरस के नए वेरियंट को लेकर मध्यप्रदेश सरकार अलर्ट - स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी

Omicron Variants: Madhya Pradesh government alert regarding new variant of corona virus - new guidelines issued for schools

Omicron Variants : कोरोना वायरस के नए वेरियंट को लेकर मध्यप्रदेश सरकार अलर्ट - स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी
रिपोर्ट। एडिटर। दीपक कोल्हे

Omicron Variants : कोरोना वायरस के नए वेरियंट को लेकर मध्यप्रदेश सरकार अलर्ट - स्कूल अब 50% क्षमता से खुलेंगे 

  • कोरोना के नए वेरिएंट से सिर्फ चिंतित नहीं सावधान भी रहें
  • विद्यालयों में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ लगेंगी कक्षाएँ
  • तीसरी लहर की आशंका को करना है निर्मूल
  • सभी स्तरों की क्राइसिस मैनेजमेंट समितियों की बैठकें जल्द होंगी
  • प्रदेश में जीनोम सीक्वेंसिंग से जानेंगें संक्रमण की जानकारी 
  • दवाइयों सहित सभी व्यवस्थाएँ करेंगे सुनिश्चित
  • टेस्ट संख्या प्रतिदिन 70 हजार तक बढ़ाएँगे
  • दिसम्बर तक सेकेंड डोज सभी को लगाने का लक्ष्य
  • सभी लोग मॉस्क लगाएँ, पर्याप्त दूरी भी रखें
  • मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की आमजन से अपील

भोपाल।  साधना मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में नवम्बर माह में इस सप्ताह कोरोना संक्रमण के लगभग 100 केस आए हैं, जो चिंता का विषय न भी हों लेकिन हमें सजग रहने का संदेश दे रहे हैं। हम कोरोना के नए वेरिएंट से चिंतित ही नहीं सावधान भी रहें। यही हमारी ड्यूटी है। प्रदेश में अभी स्कूल पचास प्रतिशत विद्यार्थी क्षमता के साथ खुले रहेंगे। अभिभावकों की सहमति से ही विद्यार्थी विद्यालय आएँगे। साथ ही ऑनलाइन शिक्षा का विकल्प उपलब्ध रहेगा। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को ध्यान में रखकर कोरोना से बचाव के सभी आवश्यक उपायों पर अमल किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज निवास पर प्रदेश में कोरोना नियंत्रण और वर्तमान स्थिति पर अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे थे। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कुछ देशों में कोरोना के नए वेरिएंट के आने से उत्पन्न परिस्थितियों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि दिसंबर माह में सभी लोगों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन का दूसरा डोज लगे और मध्यप्रदेश की उपलब्धि शत-प्रतिशत हो जाए, इसके पूरे प्रयास करना हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मास्क का उपयोग अनिवार्य है, सभी नागरिक इसका उपयोग करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिला और ब्लाक स्तर के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठकें बुलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसी स्तर पर सावधानियाँ न हटे।

शीघ्र होंगी जिला और ब्लॉक स्तर के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठकें 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि अभी सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक नहीं होगी, लेकिन संक्रमण रोकने के सभी नियमों और सावधानियों का पालन किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान एक दिसंबर को क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों से चर्चा करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान के प्रमुख निर्देश 

  • मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विदेशों में कोरोना के नए वेरिएंट के फैलने की सूचना है। अभी तक भारत में नए वेरिएंट की उपस्थिति की कोई सूचना नहीं है, लेकिन सावधानियाँ अत्यंत जरूरी है। इसलिए आज ही हमने बैठक करके कुछ फैसले किए हैं। विदेश से आने वाले यात्रियों पर नजर रखी जाएगी। जो लोग अन्य देशों की उड़ानों से आए हैं, उनका टेस्ट करवाने के साथ ही आवश्यक हुआ तो आइसोलेशन में रखा जायेगा। दूसरे देशों से मध्यप्रदेश में आने वाले यात्रियों के संबंध में भारत सरकार के सर्विलांस में नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। एक महीने में जितने भी लोग अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों से यहाँ आए हैं, उनकी कोरोना की जाँच करना है और अगर कोई कोरोना संदिग्ध पाया जाता है तो उसे आइसोलेशन में रखा जाए।
  • प्रदेश में जीनोम सीक्वेंसिंग के सैम्पलों की भी संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे अगर कहीं कोरोना संक्रमण की कोई स्थिति बने तो जानकारी का अभाव न रहे। जीनोम सीक्वेंसिंग एक तरह से किसी वायरस का बायोडाटा होता है। कोई वायरस कैसा है, किस तरह दिखता है, इसकी जानकारी जीनोम से मिलती है।
  • जितनी आवश्यक दवाइयाँ हैं, उनकी उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए। चाहे वह रेमडेसिविर इंजेक्शन हो या अन्य दूसरी दवाइयाँ हों। अस्पताल में ऑक्सीजन की लाइनों से लेकर अन्य व्यवस्थाएँ, ऑक्सीजन प्लांट्स जो हमने लगाए हैं उनको भी चलाकर देखे क्योंकि कई जगह उसकी जरूरत पड़ ही नहीं रही थी और इसलिए जितनी आवश्यक तैयारी है वे सभी तैयारियाँ अस्पतालों में, दवाई की उपलब्धता के स्तर पर सुनिश्चित की जाए।
  • प्रतिदिन हो रहे टेस्ट की संख्या भी बढ़ाई जाए। वर्तमान में 58 से 60 हजार टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं, उसकी संख्या और बढ़ाए। यह प्रयास हो कि प्रतिदिन कम से कम 70 हजार टेस्ट अवश्य हों। भारत सरकार और डब्ल्यूएचओ के निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाए।
  • 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सबसे ज्यादा सावधानी की जरूरत है क्योंकि उनका टीकाकरण नहीं हुआ है। इसलिए तय किया गया है कि तत्काल प्रभाव मतलब सोमवार से स्कूल खुलेंगे, लेकिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 50 प्रतिशत होगी। स्कूलों में 50 प्रतिशत बच्चे एक दिन आएँगे और शेष 50 प्रतिशत बच्चे दूसरे दिन आएँगे। इस तरह सप्ताह में तीन दिन वे विद्यालय जाएँगे। इसके साथ ही स्कूलों को ऑनलाइन क्लासेज चालू करनी पड़ेगी, जिससे पालकों के पास विकल्प रहे कि अगर वे बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते तो ऑनलाइन पढ़ाई हो जाए। इसलिए विकल्प सामने रहे। पैरेंट्स की इच्छा होगी तभी बच्चे स्कूल जाएँगे। पैरेंट्स की अनुमति के बिना बच्चे स्कूल नहीं बुलाए जाएँ।
  • मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना वैक्सीन की सेकेण्ड डोज लगभग 62.5 प्रतिशत लोगों को लग चुकी है। टीके प्रतिदिन लग रहे हैं। एक दिसंबर को टीकाकरण का महाअभियान है। सभी से मैं अपील करता हूँ कि पूरी ताकत के साथ जुटकर शेष बचे लोगों को कोरोना की सेकण्ड डोज या फर्स्ट डोज लगाकर टीकाकरण पूरा किया जाए।
  • मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 29 नवंबर को हो रही कलेक्टर-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस में नए वेरिएंट को देखते हुए सभी आवश्यक निर्देश दिए जाएँगे। प्रदेश पूरी तरह से एलर्ट पर रहेगा। एक दिसंबर की प्रात: क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों से चर्चा होगी।
  • प्रत्येक स्तर की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों को  हम तैयार रखेंगे कि अगर तीसरी लहर आती है तो उससे लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। तीसरी लहर की आशंका को निर्मूल करना है। समाज के सहयोग के बिना लड़ाई जीतना कठिन होता है। पहले भी हमने समाज के सहयोग से ही लड़ाई जीती है।
  • सबसे जरूरी है फेस मॉस्क लगाना और परस्पर दूरी बनाना। अभी हम कार्यक्रमों पर प्रतिबंध नहीं लगा रहे हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लेकिन ये अपील और आग्रह सभी प्रदेशवासियों से है कि कार्यक्रम में जाएँ तो अनिवार्य रूप से मॉस्क लगाएँ। यथा-संभव दूरी भी बनाए रखें। हाथ पहले की तरह साफ रखें और संक्रमण के जरा भी लक्षण दिखते हैं तो तुरंत टेस्ट करवाएँ। अभी स्थिति चिंताजनक नहीं है। प्रमुख रूप से दो शहरों इंदौर और भोपाल में पॉजीटिव केस आ रहे हैं। इनकी संख्या भी ऐसी नहीं है कि जो हमारे में मन में डर पैदा करे। लेकिन सावधानी जरूरी है।
  • कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग भी जरूरी है। जो पॉजीटिव पाए गए हैं उनका पूरा ध्यान रखा जाए, उन्हें आइसोलेशन में रखा जाए, अस्पताल जाने की व्यवस्था आदि की जाए। अफ्रीका और दुनिया के कई देशों में नया कोरोना वेरिएंट जो ज्यादा तेजी से फैलता है, पाया गया है। इसलिए सावधानी आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मैं  प्रदेशवासियों से अपील करता हूँ कि बिल्कुल भी असावधान न रहे, संक्रमण फैलने से रोकने के जो आवश्यक नियम हैं, उन सबका पालन करें। सरकार आपके साथ मिलकर कोई कसर नहीं छोड़ेगी। हमारी कोशिश रहेगी कि तीसरी लहर न आ पाए।