समाज की सज्जन शक्ति को शक्तिशाली बनना होगा : श्री जगदीश

Praising the Rashtriya Swayamsevak Sangh's physical manifest program, the chief guest said that the physical program is a form of power. Good health leads to exercise and good health leads to good intelligence. We should keep our health good. Receive money collection ethically too. He threw light on education and practical life.

समाज की सज्जन शक्ति को शक्तिशाली बनना होगा : श्री जगदीश
रिपोर्ट। एडिटर। दीपक कोल्हे

समाज की सज्जन शक्ति को शक्तिशाली बनना होगा : श्री जगदीश

प्रकट कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने घोष, दंड, नियुध्द, सामूहिक गीत, दंड योग, आसन, समता, व्यायाम का किया  प्रदर्शन

छिंदवाड़ा। "विश्व  गगन पर  फिर से गूंजे भारत माँ की जय जय जय..बढ़ते जाये हो निर्भय बढ़ते जाये हो निर्भय..." उक्त गीत के गुंजायमान से छिंदवाड़ा के नरसिंगपुर मार्ग स्थित जनपद स्कूल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नगर के प्रकट कार्यक्रम में भारत माँ को परम वैभव पर पहुचाने का संकल्प लिया गया। प्रकट कार्यक्रम में स्वयंसेवको द्वारा घोष, दंड, नियुध्द, सामूहिक गीत, दंड योग, आसन, योग, समता, व्यायाम का प्रदर्शन किया गया। 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवराव जी गुजरकर, विभाग संघचालक भजनलाल चौपड़े, अखिल भारतीय सह शारीरिक शिक्षण प्रमुख जगदीश प्रसाद जी मंचासीन थे। कार्यक्रम में जिला संघचालक डॉक्टर गगन कोल्हे जी, नगर संघचालक काशीनाथ डिगरसे जी सहित अन्य दायित्ववान कार्यकर्ता नगर के सामाजिक बन्धु उपस्थित थे।

एकल गीत के पश्चात मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह शारीरिक प्रमुख जगदीश प्रसाद जी ने कहा कि स्वयंसेवक शाखा में सामूहिक शारीरिक साधना करते है। संघ की शाखा विजयादशमी के दिन 1925 में नागपुर शुरू हुई थी।संघकार्य 96 वर्ष पुराना हो गया है। आज देशभर में 65 हजार शाखा है। 45 हजार गांव और शहर में शाखा चलती है। प्रतिदिन की शाखा के अलावा सप्ताह में एक बार चलने वाली शाखा को मिलन कहते है। दुनिया के 42 देशों में भी शाखा लगती है। विश्व मे हिन्दू स्वयंसेवक संघ, सनातन स्वयंसेवक संघ नाम से शाखा लगती है। 40 लाख स्वयंसेवक है। 3 लाख कार्यकर्ता है। संघ का व्याप हुआ है। अब संघ देशव्यापी नही विश्वव्यापी हो गया है। कार्यकर्ता समाज जीवन के भिन्न भिन्न क्षेत्रो में कार्य करते है। देश भर में संघ के 40 से ज्यादा अखिल भारतीय संगठन है  विश्व हिंदू परिषद, विद्या भारती, वनवासी विकास परिषद, विद्यार्थी परिषद जैसे अनेक संगठन है। शाखा में आने वाले स्वयंसेवक 1 लाख 5 हजार स्थानों पर गुरु पूजन के कार्यक्रम हुए। 33 लाख स्वयंसेवको ने गुरु पूजन की। 3 हजार 3 सौ प्रचारक है।हर वर्ष सात दिन तक के लिए अपना घर छोड़कर संघ के शिविरों में 1 लाख 50 हजार स्वयंसेवक आते है। इन्हें 10 हजार कार्यकर्ता प्रशिक्षण देने आते है।इसके बाद 20 दिन के लिए 30 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता प्रथम वर्ष करते है। 

हम अभाव ग्रस्त क्षेत्रो में काम करते है। भिन्न भिन्न क्षेत्रो में समरसता के लिए समाज के सहयोग से 1 लाख से ज्यादा सेवा कार्य चलाते है। पथ संचलन के माध्यम से हम संगठन दिखाते थे। पहले लोग कहते थे हम दुर्घटनाग्रस्त हिन्दू है।  आज संघ के प्रयासों से हिन्दू होना गर्व की बात मानी जाती है।अब लोग कहते है मैं हिन्दू हूँ। हिन्दू जागरण हो रहा है। सारे विश्व को हिंदुत्व का संदेश जा रहा है। अमेरिकावासी हिंदुत्व और पुनर्जन्म में विश्वास करने लगे है।आत्मशांति के लिए हिंदुस्तान की ओर देख रहे है। जो लोग ईसाई-मुसलमान बन गए थे वे घर वापास आ रहे है। जम्मू कश्मीर में हिन्दू विरोधी लोग अमरनाथ श्राइन बोर्ड की संपत्ति जप्त की थी। रामसेतु तोड़ने की योजना बनी थी। हिन्दू समाज ने तोड़ने नही दिया।हिन्दू समाज की संगठित शक्ति से हिंदुस्तान परमवैभव पर पंहुच रहा है।सशक्त हिन्दू संगठन से खड़े हुए लोगो ने 6 वर्षों में  हिन्दू हित, राष्ट्रहित के सारे काम करना शुरू किए। हिन्दू संगठन के कारण जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटी। राम मंदिर बन रहा है। और हमे पक्का विश्वास है कि भारत अखंड अवश्य होगा।सम्पूर्ण विश्व भारत की ओर देख रहा है। हम कहते है वसुधैव कुटुम्बकम, हम कहते ही नही करके भी दिखता है। अब दुनिया के देश भारत की ओर देख रहे है।जो हिन्दू चाहेगा वही होगा। ऊंच नींच की भावना डोर करना है।विरोधी ताकते समाज को तोड़ने में लगी है। लेकिन हमे समाज को पूर्णत: संगठित करने है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वर्षों से समाज और राष्ट्र संगठन का कार्य कर रहा है।अब समाज को भी करना होगा। राष्ट्र सेविका समिति में भी यही राष्ट्रकार्य कार्य हो रहा है। दुर्गा वाहिनी भी राष्ट्र कार्य कर रही है।संघ कार्य ईश्वरीय कार्य है,  राष्ट्र कार्य है।समाज की सज्जन शक्ति को शक्तिशाली बनना होगा।  

मुख्य अतिथि ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शारीरिक प्रकट कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि शारीरिक प्रधान कार्यक्रम एक शक्ति का रूप है। व्यायाम से अच्छा स्वास्थ्य और अच्छे स्वास्थ्य से अच्छी बुद्धि होती है। हमे अपना स्वास्थ्य अच्छा रखना चाहिए। धन संग्रह भी नैतिक रूप से प्राप्त करें। शिक्षा और व्यवहारिक जीवन के बारे में उन्होंने प्रकाश डाला।