ट्रक ड्राइवर्स की हड़ताल पर हाई कोर्ट हुई सख्त, सरकार को दिए एक्शन लेने के निर्देश
The High Court said that essential services are being affected due to the strike, which is not right, the court asked the government to take immediate action on this and also take action against the associations involved in the strike.
ट्रक ड्राइवर्स की हड़ताल पर हाई कोर्ट हुई सख्त, सरकार को दिए एक्शन लेने के निर्देश
हाई कोर्ट ने कहा हड़ताल से अति आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही है जो ठीक नहीं है, कोर्ट ने सरकार से कहा सरकार जल्दी इस पर एक्शन ले और हड़ताल में शामिल एसोसिएशनों पर भी कार्यवाही करे ।
भोपाल। केंद्र सरकार द्वारा हिट एंड रन कानून में किये गए बड़े बदलाव के बाद हड़ताल पर गए ट्रक ड्राइवर्स की हड़ताल पर मप्र हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई है, कोर्ट में पेश की गई एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए जबलपुर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से इनके खिलाफ एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं।
नागरिक उपभोक्ता मंच ने लगाई जनहित याचिका
ट्रक ड्राइवर्स की हड़ताल के खिलाफ नागरिक उपभोक्ता मंच ने जबलपुर हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की जिसमें हड़ताल से आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित होने और उससे नागरिकों को होने वाली असुविधा के बारे में कहा गया, कोर्ट ने आज याचिका पर सुनवाई की।
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से एक्शन लेने के निर्देश दिए
हाई कोर्ट ने कहा हड़ताल से अति आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही है जो ठीक नहीं है, राज्य सरकार ने उसके द्वारा किये जा रहे प्रयासों की जानकारी कोर्ट की दी, कोर्ट ने सरकार से कहा सरकार जल्दी इस पर एक्शन ले और हड़ताल में शामिल एसोसिएशनों पर भी कार्यवाही करे ।
हिट एंड रन कानून में केंद्र सरकार ने किये हैं ये बदलाव
दरअसल, केंद्र सरकार ने हिट एंड रन को लेकर नए कानून बनाए हैं, जिसके तहत अगर कोई ट्रक या डंपर चालक किसी को कुचलकर भागता है तो उसे 10 साल की जेल होगी. इसके अलावा जुर्माना भी देना होगा. पहले इस मामले में कुछ ही दिनों में आरोपी ड्राइवर को जमानत मिल जाती थी और वो पुलिस थाने से ही बाहर आ जाता था. हालांकि, इस कानून के तहत भी दो साल की सजा का प्रावधान था. लेकिन नया कानून लागू होने के बाद दोषी को अब दस साल जेल में रहना होगा. हालांकि, घायल को अस्पताल पहुंचाने पर कुछ रियायत का प्रावधान है. ट्रक और डंपर चालक इस कानून का ही विरोध कर रहे हैं.



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