नए साल में राज्य शासन ने अतिथि विद्वानों को दिया बड़ा तोहफा, वेतन में बढ़ोतरी, अब इतनी मिलेगी सैलरी
At the same time, the increased salary will be given to the visiting scholars from the session 2022-23.
नए साल में राज्य शासन ने अतिथि विद्वानों को दिया बड़ा तोहफा, वेतन में बढ़ोतरी, अब इतनी मिलेगी सैलरी
- वहीं बढे हुए वेतन 2022-23 के सत्र से अतिथि विद्वानों को दिए जाएंगे।
भोपाल। मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार द्वारा अतिथि विद्वानों को नए साल में बड़ा तोहफा दिया गया है। दरअसल 15 साल से चली आ रही उनकी मांग को मान लिया गया है। शिवराज कैबिनेट में बड़ा फैसला लेते हुए तकनीकी शिक्षा से संबंधित अतिथि विद्वानों के वेतन में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। इसके साथ ही प्रदेश के अतिथि विद्वानों को बड़ा लाभ मिलेगा।
बता दें कि पिछले 15 सालों से अतिथि विद्वान वेतन वृद्धि (Increment) की मांग कर रहे थे। वेतन वृद्धि और नियमितीकरण को लेकर लगातार अतिथि विद्वानों द्वारा प्रदेश में धरना प्रदर्शन भी किया गया था। इस दौरान कल हुई कैबिनेट की बैठक में तकनीकी शिक्षा से संबंधित मानदेय बढ़ाया गया है। जिसके बाद अतिथि विद्वानों के अधिकतम वेतन में 8000 रूपए की बढ़ोतरी की गई है।
बता दे कि अतिथि विद्वानों को अधिकतम वेतन प्रतिमाह 30 हजार रूपए प्रदान किया जाएगा। इससे पहले वर्तमान में अतिथि विद्वानों का अधिकतम वेतन 22 हजार रूपए है। वहीं बढे हुए वेतन 2022-23 के सत्र से अतिथि विद्वानों को दिए जाएंगे। मामले की जानकारी कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया (yashodhara raje Scindia) द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से दी गई है।
उन्होंने कहा कि स्वशासी इंजीनियरिंग महाविद्यालय-शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों में अतिथि विद्वानों को अधिकतम 30 हजार रुपए दिया जाएगा। इसके लिए कैबिनेट में निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही 2004-05 से चली आ रही अतिथि विद्वानों के आमंत्रित किए जाने की व्यवस्था भी समाप्त होगी।
अतिथि विद्वानों की वेतन वृद्धि प्रांतीय तकनीकी अतिथि और संविदा प्राध्यापक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि तकनीकी शिक्षा कौशल विकास और रोजगार मंत्री द्वारा इसके निर्देश दे दिए गए हैं। इससे पांच ऑटोनॉमस इंजीनियरिंग कॉलेज और 60 से अधिक शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के कई अतिथि विद्वानों को बड़ा लाभ मिलेगा।



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