कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शांति व सद्भावनापूर्वक मनाये जायेंगे दुर्गा उत्सव, दशहरा और मिलाद-उद-नबी पर्व
District level peace committee meeting concluded
कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शांति व सद्भावनापूर्वक मनाये जायेंगे दुर्गा उत्सव, दशहरा और मिलाद-उद-नबी पर्व
जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक संपन्न
छिन्दवाड़ा। साधना मध्यप्रदेश। कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिले में 7 से 15 अक्टूबर तक दूर्गा उत्सव, दशहरा पर्व और 18 से 19 अक्टूबर तक ईद मिलाद उद नबी का पावन पर्व मनाये जाने के मद्देनजर कानून एंव शांति व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं बनाये रखने के लिए शांति समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में सदस्यों को शासन की नवीन गाइड लाइन से अवगत कराते हुए चर्चा की गई व विभिन्न सुझाव लिए गए और पर्व शांति व सद्भावनापूर्वक शासन के दिशा-निर्देशों व कोविड गाईड लाईन के तहत मनाने की अपील की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेंद्र नारायण, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती रानी बाटड, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव उईके, एसडीएम अतुल सिंह, नगर निगम आयुक्त हिमांशु सिंह, सीएसपी मोतीलाल कुशवाहा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.जी.सी.चौरसिया व डिप्टी कलेक्टर अजीत तिर्की सहित अन्य अधिकारी और शांति समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।
बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय गया कि भारत सरकार एवं राज्य शासन से प्राप्त कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करते हुये दुर्गा उत्सव, रामलीला, दशहरा, ईद मिलाद् उन नबी और अन्य त्यौहार परम्परागत रूप से शांति और सद्भावनापूर्वक मनाये जायेगें । पर्वों पर मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग रखने, अनुमत्य संख्या तक अनुमति का पालन किया जायेगा। चल समारोह, सार्वजनिक भंडारा, लंगर आदि पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा । बैठक में भारत सरकार और राज्य शासन के साथ ही गृह मंत्रालय व्दारा जारी दिशा निर्देशों के संबंध में समिति के सदस्यों को यह अवगत कराया गया कि दुर्गा उत्सव में उपलब्ध स्थान अनुसार निर्धारित साइज 30x45 फीट की पंडाल में दुर्गा प्रतिमा की स्थापना की जा सकेगी । दुर्गा प्रतिमा स्थल पर कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन कराने एवं दर्शको की भीड़ न हो इसके लिये आयोजन समिति व्यवस्था सुनिश्चित करेगी । दूर्गा प्रतिमा स्थल एवं पर्व में अनुमत्य आयोजनों/समारोह में डी.जे./बैण्ड बाजे की माननीय सर्वोच्च न्यायालय के जारी आदेशों के अधीन रात्रि 10 बजे तक उपयोग की अनुमति रहेगी । गरबा का आयोजन सोसायटियों/कॉलोनियों/ मोहल्लों में मोहल्लावासियों/कॉलोनीवासियों की आयोजन समिति व्दारा आयोजन स्थल की क्षमता के 50 प्रतिशत की क्षमता तक की उपस्थिति में अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) से अनुमति प्राप्त कर आयोजन किया जा सकेगा। व्यवसायिक स्तर पर वृहद स्वरूप के गरबा आयोजनों की अनुमति नहीं होगी ।
रावण दहन के पूर्व परम्परागत श्रीराम के चल समारोह प्रतिकात्मक रूप से अनुमत्य होगा। रामलीला तथा रावण दहन के कार्यक्रम खुले मैदान में फेस मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग की शर्त पर आयोजन समिति व्दारा अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) की पूर्वानुमति प्राप्त कर आयोजित किये जा सकेंगे । रामलीला का आयोजन मैदान /हॉल की क्षमता 50 प्रतिशत सीमा तक दर्शक शामिल हो सकेंगे । रावण दहन के वृहद आयोजन, जिनका स्वरूप मेले समान होता है, की अनुमति नहीं होगी । दुर्गा प्रतिमा विसर्जन स्थल छोटा तालाब, कुलबहरा नदी, बोदरी नदी, पेंच नदी सिंगोडी इत्यादि है । दुर्गा प्रतिमा की स्थापना, विसर्जन स्थल और तकरीर स्थल के लिये अनुमति लेना अनिवार्य है । प्रतिमा विसर्जन स्थल पर ले जाने के लिये अधिकतम 10 व्यक्तियों के समूह की अनुमति होगी । इसके लिये अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) और तहसीलदार अधिकृत रहेंगे । जिन स्थलों पर अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व)का मुख्यालय है वहां पर अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) और जिन स्थलों पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) का मुख्यालय नहीं है, वहां पर तहसीलदार पुलिस अधिकारियों से अभिमत प्राप्त कर अनुमति देगें ।
दुर्गा प्रतिमा के पंडाल के पंडाल स्थल और मस्जिदों में रोशनी व साज सज्जा की अनुमति रहेगी, अन्य सार्वजनिक स्थल पर रोशनी व साज सज्जा की अनुमति नही रहेगी । दुर्गा प्रतिमा के पंडाल स्थल एवं तकरीर स्थल पर भंडारा, लंगर, खीर, प्रसाद ,कपड़े आदि वितरण की अनुमति नही रहेगी । दुर्गा प्रतिमा के आकार-प्रकार (माप) हेतु स्थानीय प्रशासन कुम्भकार समाज से चर्चा कर आवश्यक समन्वय स्थापित करेगें । जवारे, शरद पूर्णिमा आदि के कार्यक्रम कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करते हुये मनाये जायेंगे। पर्व के दौरान दुघर्टनाओं की संभावना बनी रहती है । आयोजन समिति दुर्गा प्रतिमा स्थल पर 24 घंटे कोई जिम्मेदार तैनात रहे इस हेतु एक व्यक्ति की ड्यूटी लगाये जो प्रतिमा स्थल पर रात्रि एवं दिन में भी उपलब्ध रहे । पंडालों की सुरक्षा का जिम्मा उन्हें ही सौपा जाये, ताकि दुर्घटना आदि न हो पाये । थाना प्रभारी मूर्ति स्थलों एंव आयोजकों की सूची थाने में तैयार कर रखें, ताकि उनसे चर्चा कर व्यवस्था बनाने में सहयोग लिया जा सकें ।
दुर्गा पंडाल में प्रकाश हेतु अस्थाई बिजली कनेक्शन प्राप्त कर लिया जाये, ताकि कोई आकस्मिक दुघर्टना ना हो पाये । दुर्गा उत्सव, दशहरा, रामलीला, ईद मिलाद उद नबी एवं अन्य पर्व में विद्युत व्यवस्था हेतु सुरक्षा के मानकों का पालन किया जाना संबंधित समिति की जवाबदेही होगी । कार्यक्रम/पर्व में फटाका का उपयोग खुले स्थान पर हो तथा ऐसे स्थानों पर फटाकों का उपयोग कदापि न करें, जहां से हाई टेंशन विद्युत लाईन गुजरती है। कार्यक्रम/प्रतिमा स्थलों से यातायात बाधित न हो इस हेतु संबंधित समिति आने जाने का मार्ग चिन्हांकित कर आवागमन की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करेगी ।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ईद मिलाद-उन-नबी पर 18 एवं 19 अक्टूबर को तकरीर होगा । तकरीर स्थल की क्षमता के 50 प्रतिशत तक व्यक्ति शामिल रहेंगे और चल समारोह पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा । स्थानीय प्रशासन जुलूस समिति के सदस्यों के साथ बैठक आयोजित कर आवश्यक आपसी समन्वय स्थापित करेगें । तकरीर स्थल एवं मोहल्ले पर साज-सज्जा की अनुमति होगी । पर्व के दौरान कपूरदा षष्टीमाता मंदिर, सालीवाड़ा शारदा मंदिर, बंजारी माता मंदिर, हिंगलाज मंदिर अम्बाड़ा एवं अन्य बडे मंदिरों में पुलिस सहायता केन्द्र की व्यव्स्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला छिन्दवाड़ा अन्तर्गत समस्त नगरीय क्षेत्रों में रात्रि 11 बजे से प्रातः 6 बजे तक नाईट कफर्यू रहेगा ।
पर्व के दौरान साफ-सफाई, फायर ब्रिगेड एवं पीने के पानी की व्यवस्था हेतु आयुक्त नगर पालिक निगम छिन्दवाड़ा, विद्युत आपूर्ति हेतु म.प्र.विद्युत मण्डल छिन्दवाड़ा, यातायात व्यवस्था हेतु पुलिस विभाग, यातायात प्रभारी छिन्दवाड़ा, तैराक एवं नाव की व्यवस्था कमांडेड होमगार्ड छिन्दवाड़ा, सहायक संचालक मत्स्य विभाग छिन्दवाड़ा, सुरक्षा कानून व्यवस्था एवं कानून व्यवस्था हेतु पुलिस अधीक्षक एवं संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी व्दारा कार्यवाही की जायेगी । चिकित्सा व्यवस्था हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन द्वारा कार्यवाही की जायेगी । बैठक में कलेक्टर श्री सुमन व्दारा उपस्थित समस्त शांति समिति के सदस्यों को दुर्गा उत्सव दशहरा पर्व एवं ईद मिलाद् उद नबी पर्व पूर्व परम्पराओं की भांति ही इस वर्ष भी शांति पूर्ण ढंग से तथा आपसी भाई-चारे की भावना से मनाये जाने की अपील की गई। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों से बैठक में लिये गये निर्णयों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई है।



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